पेड़ का महत्व
November 7, 2009.
कुछ दिन पहले मैं, भुरियाराम और गॉव के कुछ लोग जंगल को लकड़ी लेने के लिए गए. जंगल की यह यात्रा मेरे लिये बहुत उपयोगी थी. जंगल मैं हम बहुत अन्दर की और गए थे. यहाँ पर हमने पुराने समय के कुछ गीत सुने. गीत सुनने के बाद मुझे बहुत अच्छा लगा. मैं कभी भी नहीं सोच सकता था की इस जंगल मैं मुझको इस तरह के अच्छे गीत सुनने को मिल सकते है. गीत सुनने के बाद हम सभी ने कठोर काम किया. सभी ने मिलकर एक पहाड़ी से भारी लकडियो को नीचे ट्रेक्टर मैं रखा. इसके बाद हम हुनर घर की और रवाना हो गए. सर्दी का समय था. मैं और भुरियाराम मोटर साईकिल पर थे. ठण्ड का काफी अनुभव हो रहा था. हम रास्ते से जा रहे थे. रास्ते मैं हम को कही कही पर गर्म हवा का अनुभव हुआ था. यह मेरे लिया काफी नया अनुभव था की यह गर्म हवा का से आई है. मैं इस सोच मैं था. मैंने देखा की जिस स्थान पर गर्म है वहां पर पेड़ नहीं है, पानी नहीं है. इस बात को प्रत्यक्ष देखकर काफी बुरा लगा. लोग हर समय पेड़ काटते है. मैं पिछले दो वर्षो से देखा राहा हूँ की गावों मैं काफी कम बरसात हो रही है. मैं सोचता हु की इस का मुख्य कारण पेड़ को काटना है. . अभी से हमारे यहाँ का मौसम बिगड़ रहा है. सर्दी के मौसम मैं सर्दी नहीं लग रही है. बरसात के मौसम मैं बरसात नहीं आ रही है. इस प्रकार पेड़ कट जायेगे तो हमारे आने वाले जीवन का क्या होगा? हमारे आने वाले बच्चों का जीवन क्या होगा. क्या हम इसी प्रकार से पेड़ काटेगे. क्या हमारा मौसम बिगड़ जायेगा ? सर्दी, गर्मी, बरसात का कोई भी समय नहीं होगा. हम यह नहीं बता पायेगे की कब सर्दी आयेगे, कब बरसात आयेगे, कितने समय तक गर्मी पड़ेगी. मेरा सोचना है की हम अपने बच्चों का अच्छा जीवन चाहते है तो अभी से पेड़ को नहीं कटे और हमारा मौसम नहीं बिगाड़े.
आज से ही हम पेड़ों का महत्व समझे.
पेड़ है तो जीवन है.
पेड़ के बिना हमारा जीवन पशु समान है.
आओ पेड़ों की करे रक्षा और बनाये हमारा जीवन महान.